घर लौटने का फ़ैसला

आखिरी ख़त — by Kavita Rawat

सोहम के मामले की सुनवाई का दिन आ गया। पिछले तीन हफ़्तों में देवगढ़ की छोटी अदालत ने विक्रम के केस के साथ-साथ सोहम के मामले की भी सुनवाई शुरू कर दी थी — सबूत छुपाने और जाँच में बाधा डालने के आरोप में। मेहर, अदित्य और रुक्मिणी बुआ सा अदालत के गलियारे में बैठे इंतज़ार कर रहे थे। सोहम अकेला खड़ा था, अपने पुराने वकील के साथ, उसका चेहरा पीला पड़ा हुआ था। "तुम घबराए हुए लग रहे हो," मेहर ने उसके पास जाकर…