आखिरी ख़त — by Kavita Rawat
विक्रम ठाकुर के मुक़दमे की आख़िरी सुनवाई का दिन आख़िरकार आ पहुँचा। पिछले दो महीनों में देवगढ़ की अदालत में सबूतों की पूरी जाँच हो चुकी थी — जाली दस्तावेज़, गोपाल दास की गवाही, धमकी भरे फ़ोन कॉल के रिकॉर्ड, गैलरी की तोड़-फोड़ के सीसीटीवी फुटेज, और स्वयं विक्रम का पुलिस के सामने दिया गया कबूलनामा। आज फ़ैसला सुनाया जाना था। अदालत का कमरा खचाखच भरा हुआ था। देवगढ़ के लोग, जो सालों से विक्रम ठाकुर की…